क्या है उत्तराखंड ? उत्तराखंड स्थापना दिवस - 9 नवंबर 2000
क्या है उत्तराखंड ?
उत्तराखंड भारत का एक राज्य है जो कि उत्तर प्रदेश से 9 नवंबर 2000 के दिन अलग होकर खुद में एक राज्य के रूप में भारत के एक नए राज्य के रूप में सामने आया। यदि बात की जाये राज्य की विकासदर की तो 6.87% है वही अगर बात की जाये जीडीपी 2018-19 में 245895 करोड़ रुपये रही। वही अगर प्रति व्यक्ति आय की बात की जाये 2018-19 की तो 198783 रुपये रही।
वर्ष 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया।
आज 20वें स्थापना दिवस पर उत्तराखंडवासिओ में अलग ही उत्साह और उमंग है. अपने 19 साल के सफर में कई चुनीतिओ का सामना करते हुए कई मुकाम हासिल किये है। सूत्रों को माने तो राज्य ने वर्ष 2000 में 14.5 हजार करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था से ढाई लाख करोड़ रूपए तक की एक बेमिशाल छलांग लगाई। शून्य से शुरू होकर उद्योगों का पचास हजार करोड़ का सम्राज्य स्थापित किया। रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग वर्तमान समय यानि की 2018-19 में 2,98,774 है, बता दे 2000-2001 में 40,845 थी। निवेश की बात की जाये तो 2018-19 में 12743.57 करोड़ का निवेश आज उत्तराखंड में है और ये निवेश 2000-2001 में 707 करोड़ था। इतना ही नहीं भारी उद्योग में भी उत्तराखंड पीछे नहीं है 2018-19 में 36388 करोड़ निवेश है जबकि 2000-2001 में 8322 करोड़ था।
बात चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो या व्यापर में उत्तराखंड में एक रैपिड ग्रोथ हुई है। यदि उत्तराखंड की साक्षरता दर की बात की जाये तो 2001 में तो कुल 71.6 थी जिसमे पुरुष 83.3 और महिला 59.6 और ये वर्तमान समय की बात की जाये तो 87.4 है जिसमे पुरुष 93.2 और महिला 81.7 है जो की बेमिशाल है। वही अगर बात की जाये उत्तराखंड के अंदर शिक्षण संस्थान की तो आज 159 उच्च शिक्षण संस्थान, 184 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 71 पॉलिटेक्निक संस्थान और 126 तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान है। और यदि बात की जाये एशिया के श्रेष्ठ संस्थान में तो उत्तराखंड में आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, एम्स ऋषिकेश है जो की उत्तराखंड प्रदेश की जनता के लिए सौभाग्य और गौरव की बात है।
भले ही उत्तराखंड छोटा राज्य समझा जाता हो लेकिन ये राज्य इतना भी छोटा नहीं की यहाँ लोग भूखे मरते हो। उत्तराखंड के अंदर काम धंधो का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है क्योकि यहाँ की ज़्यदातर सख्या में लोग शिक्षित है जो कि ये दर्शाता है की यहाँ के लोग कितने स्किलफुल है।
"यदि आपके पास शिक्षा का हथियार है तो आप उस हथियार से किसी भी मुश्किल परिस्थति से टक्कर लेने में समर्थ है " By Moixus
Read more about Moixus - What is Moixus? How It can be helpful for Uttarakhand?
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उत्तराखंड भारत का एक राज्य है जो कि उत्तर प्रदेश से 9 नवंबर 2000 के दिन अलग होकर खुद में एक राज्य के रूप में भारत के एक नए राज्य के रूप में सामने आया। यदि बात की जाये राज्य की विकासदर की तो 6.87% है वही अगर बात की जाये जीडीपी 2018-19 में 245895 करोड़ रुपये रही। वही अगर प्रति व्यक्ति आय की बात की जाये 2018-19 की तो 198783 रुपये रही।

वर्ष 2000 से 2006 तक इसे उत्तरांचल के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन जनवरी 2007 में स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इसका आधिकारिक नाम बदलकर उत्तराखण्ड कर दिया गया।
आज 20वें स्थापना दिवस पर उत्तराखंडवासिओ में अलग ही उत्साह और उमंग है. अपने 19 साल के सफर में कई चुनीतिओ का सामना करते हुए कई मुकाम हासिल किये है। सूत्रों को माने तो राज्य ने वर्ष 2000 में 14.5 हजार करोड़ रूपए की अर्थव्यवस्था से ढाई लाख करोड़ रूपए तक की एक बेमिशाल छलांग लगाई। शून्य से शुरू होकर उद्योगों का पचास हजार करोड़ का सम्राज्य स्थापित किया। रोजगार और व्यवसाय के क्षेत्र में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग वर्तमान समय यानि की 2018-19 में 2,98,774 है, बता दे 2000-2001 में 40,845 थी। निवेश की बात की जाये तो 2018-19 में 12743.57 करोड़ का निवेश आज उत्तराखंड में है और ये निवेश 2000-2001 में 707 करोड़ था। इतना ही नहीं भारी उद्योग में भी उत्तराखंड पीछे नहीं है 2018-19 में 36388 करोड़ निवेश है जबकि 2000-2001 में 8322 करोड़ था।
बात चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो या व्यापर में उत्तराखंड में एक रैपिड ग्रोथ हुई है। यदि उत्तराखंड की साक्षरता दर की बात की जाये तो 2001 में तो कुल 71.6 थी जिसमे पुरुष 83.3 और महिला 59.6 और ये वर्तमान समय की बात की जाये तो 87.4 है जिसमे पुरुष 93.2 और महिला 81.7 है जो की बेमिशाल है। वही अगर बात की जाये उत्तराखंड के अंदर शिक्षण संस्थान की तो आज 159 उच्च शिक्षण संस्थान, 184 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, 71 पॉलिटेक्निक संस्थान और 126 तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान है। और यदि बात की जाये एशिया के श्रेष्ठ संस्थान में तो उत्तराखंड में आईआईटी रुड़की, आईआईएम काशीपुर, एम्स ऋषिकेश है जो की उत्तराखंड प्रदेश की जनता के लिए सौभाग्य और गौरव की बात है।
भले ही उत्तराखंड छोटा राज्य समझा जाता हो लेकिन ये राज्य इतना भी छोटा नहीं की यहाँ लोग भूखे मरते हो। उत्तराखंड के अंदर काम धंधो का क्रेज काफी तेजी से बढ़ रहा है क्योकि यहाँ की ज़्यदातर सख्या में लोग शिक्षित है जो कि ये दर्शाता है की यहाँ के लोग कितने स्किलफुल है।
"यदि आपके पास शिक्षा का हथियार है तो आप उस हथियार से किसी भी मुश्किल परिस्थति से टक्कर लेने में समर्थ है " By Moixus
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